नई दिल्ली। सोमवार, 9 मार्च 2026 को कच्चे तेल की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि देखी गई, जिसके कारण भारतीय बाजार में भारी गिरावट आई। हालांकि, बाजार बंद होने तक क्रूड ऑयल की कीमतों में भी महत्वपूर्ण कमी आई। आज दिन में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $120 तक पहुंच गई थी, लेकिन अब यह $100 से नीचे गिरकर $99.8 पर ट्रेड कर रहा है।
ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। युद्ध के 10वें दिन ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। हालाँकि, अब यह $100 से नीचे आ गई हैं, लेकिन यदि युद्ध लंबा चलता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है। 1970 के दशक में भी ऐसी स्थिति देखी गई थी।
1970 के दशक जैसी स्थिति की आशंका
ट्रेडर्स यह अनुमान लगाने में लगे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक रुकावट का उस मार्केट पर क्या प्रभाव पड़ेगा, जो प्रतिदिन लगभग 100 मिलियन बैरल तेल का उपयोग करता है।
थ्योरी के अनुसार, हर दिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई खतरे में है। 1973 में योम किप्पुर युद्ध के दौरान तेल बैन के कारण ग्लोबल मार्केट से हर दिन लगभग 4-5.5 मिलियन बैरल तेल की कमी आई थी। 1978-79 की ईरानी क्रांति ने लगभग 5-6 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई में बाधा डाली, जबकि 1980 में शुरू हुए ईरान-इराक युद्ध ने हर दिन लगभग 4 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई कम कर दी।
कच्चे तेल की कीमतों का शेयर बाजार पर प्रभाव
आज भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण शेयर बाजार में गिरावट आई। अंत में, 9 मार्च 2026 को सेंसेक्स 1358.88 अंक गिरकर 77,560.02 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी फिफ्टी 422.40 अंक गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ।
