Controversial Remarks by Former MLA Raghavendra Pratap Singh Spark Outrage

Former BJP MLA Raghavendra Pratap Singh has stirred controversy once again with his inflammatory remarks during a Holi celebration, where he compared Muslims to 'monsters' and called for their destruction. This speech, which has gone viral on social media, has drawn sharp criticism from various quarters, including opposition parties who accuse him of polarizing politics. Singh's history of provocative statements raises concerns about communal harmony in the region. As reactions pour in, the lack of legal action against such rhetoric is also being questioned.
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Controversial Remarks by Former MLA Raghavendra Pratap Singh Spark Outrage

Raghavendra Pratap Singh's Provocative Speech

Controversial Remarks by Former MLA Raghavendra Pratap Singh Spark Outrage


डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने होली मिलन समारोह में मुसलमानों की तुलना राक्षसों से की और उनके संहार का आह्वान किया। पूर्व में भी वह लव जिहाद और अन्य मुद्दों पर कई भड़काऊ बयान दे चुके हैं।


सिद्धार्थनगर। हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व प्रदेश प्रभारी और डुमरियागंज से पूर्व भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक बार फिर अपने विवादित और भड़काऊ बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। शाहपुर स्थित ‘हिंदू भवन’ में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान उन्होंने एक बार फिर मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए अल्पसंख्यक समुदाय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खुले मंच से मुसलमानों की तुलना ‘आज के राक्षसों’ से कर दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


Call to Action Against 'Monsters'

“राक्षसों के वध का लें संकल्प”


मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पौराणिक संदर्भों का सहारा लेकर नफरत भरा भाषण दिया। उन्होंने कहा, “आज के राक्षस केवल इस देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमान हो चुके हैं। मुझे इनका नाम लेने में कोई संकोच नहीं है। इसी कारण आज पूरी दुनिया में लड़ाई छिड़ चुकी है और इन राक्षसों का संहार होता दिखाई दे रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि राक्षसों का वध करने के लिए संकल्प लिया करिए, क्योंकि जब राक्षस नहीं रहेंगे, तभी सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भगवान ने वध करके भक्त प्रह्लाद को बचाया था, वैसे ही आज भी इन ‘राक्षसों’ को खत्म करना जरूरी है जो कुकुरमुत्ते की तरह फैल रहे हैं।


History of Controversial Statements

विवादित बयानों का लंबा इतिहास


यह पहली बार नहीं है जब पूर्व विधायक ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान दिया हो। पिछले कुछ महीनों में उनके इस तरह के बयान लगातार चर्चा में हैं। पिछले साल अक्टूबर में डुमरियागंज के धनखरपुर गांव में उन्होंने युवाओं को उकसाते हुए कहा था कि अगर मुस्लिम लड़के दो हिंदू लड़कियों को ले जाते हैं, तो आप 10 मुस्लिम लड़कियां लेकर आएं। उन्हें हिंदू बनाएं, उनकी नौकरी और खाने का इंतजाम मैं खुद करूंगा।


इसी साल जनवरी में कुश्ती दंगल के दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘खतना चेक’ करने जैसी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पिछले ही महीने डुमरियागंज तहसील परिसर में जानवर के अवशेष मिलने पर उन्होंने अधिकारियों के सामने कहा था कि कुछ लोग घोड़ा, कुत्ता और बिल्ली तक खा जाते हैं, बस वराह (सुअर) देवता को नहीं खाते जो सबसे पवित्र हैं।


Opposition's Reaction

विपक्ष का प्रशासन का आरोप


यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों द्वारा तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है। इन जहरीले बयानों को लेकर विपक्ष ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि हार की हताशा में राघवेंद्र प्रताप सिंह ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं। बार-बार दिए जा रहे इन भड़काऊ भाषणों के बावजूद कड़ी कानूनी कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए हैं।