नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों की शुरुआत 15 जून 2026 से
नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानें 15 जून 2026 से शुरू होने जा रही हैं। इस पहले चरण में, इंडिगो एयरलाइंस लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध कराएगी। इसके बाद, 1 जुलाई से मुंबई, जयपुर, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून और अन्य शहरों के लिए भी उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी.
टिकट बुकिंग और किराए की जानकारी
इंडिगो ने उड़ान शेड्यूल के साथ-साथ टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यात्रियों के लिए सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि नोएडा एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए किराया कितना होगा। इंडिगो की प्रारंभिक किराया सूची के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट से विभिन्न गंतव्यों के लिए टिकट की कीमतें इस प्रकार हैं:
पहले दिन की उड़ानें
15 जून को नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ानें शुरू होंगी। पहले दिन लखनऊ और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी। एयरपोर्ट से रोजाना चार बार टेकऑफ और लैंडिंग की जाएगी। इसके बाद, 1 जुलाई से उड़ानों की संख्या में तेजी से वृद्धि की जाएगी। इंडिगो के अनुसार, रोजाना लगभग 28 उड़ानें विभिन्न शहरों के लिए संचालित की जाएंगी.
लखनऊ के लिए उड़ानें
नोएडा और लखनऊ के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए 1 जुलाई से रोजाना चार उड़ानें शुरू की जाएंगी। सुबह और शाम दोनों समय उड़ानें उपलब्ध रहेंगी, जिससे व्यवसायिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, लखनऊ के अलावा जयपुर, भोपाल, चंडीगढ़ और देहरादून के लिए भी नियमित उड़ानें शुरू की जाएंगी.
बस सेवा की शुरुआत
नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए बस सेवा भी शुरू की जाएगी। 15 जून से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के कई शहरों से एयरपोर्ट के लिए बस सेवा उपलब्ध होगी। इससे दिल्ली एनसीआर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ और आसपास के शहरों के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी होगी.
भविष्य की उड़ानें
हालांकि इंडिगो ने अपनी सेवाओं का शेड्यूल जारी किया है, लेकिन भविष्य में एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर जैसी कंपनियां भी यहां से उड़ानें शुरू कर सकती हैं। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन का लक्ष्य है कि नोएडा एयरपोर्ट को जल्द ही देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित किया जाए.