अमेरिका ने ईरान के ड्रोन खतरों से निपटने के लिए नई प्रणाली मेरोप्स तैनात करने का निर्णय लिया
अमेरिका ने ईरान के ड्रोन खतरों से निपटने के लिए नई ड्रोन-रोधी प्रणाली मेरोप्स तैनात करने का निर्णय लिया है। यह प्रणाली दुश्मन के ड्रोन को पहचानकर उन्हें नष्ट करने के लिए विकसित की गई है। अमेरिका पहले से ही पैट्रियट और थाड जैसे शक्तिशाली मिसाइल रक्षा तंत्र का उपयोग कर रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन-रोधी साधनों की कमी है। मेरोप्स प्रणाली का परीक्षण पहले यूरोप में किया गया था और इसे अब मध्य पूर्व में तैनात किया जाएगा। इस प्रणाली की विशेषता यह है कि यह ड्रोन के खिलाफ ड्रोन का ही उपयोग करती है, जिससे यह सस्ते और प्रभावी तरीके से दुश्मन के ड्रोन को नष्ट कर सकती है।
Mar 7, 2026, 12:51 IST
मेरोप्स प्रणाली की तैनाती
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के ड्रोन हमलों की चुनौतियों के बीच, अमेरिका ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका जल्द ही मध्य पूर्व में एक नई ड्रोन-रोधी मिसाइल प्रणाली, मेरोप्स, तैनात करने जा रहा है। यह प्रणाली विशेष रूप से दुश्मन के ड्रोन को पहचानकर उन्हें हवा में ही नष्ट करने के लिए विकसित की गई है।
ईरान के ड्रोन का खतरा
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान द्वारा उपयोग किए जा रहे शाहेद ड्रोन क्षेत्र में सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। अमेरिका पहले से ही पैट्रियट और थाड जैसे शक्तिशाली मिसाइल रक्षा तंत्र का उपयोग कर रहा है, जो ईरानी मिसाइलों को गिराने में सक्षम हैं। फिर भी, अधिकारियों का कहना है कि मध्य पूर्व में प्रभावी ड्रोन-रोधी रक्षा साधनों की कमी है, जिसे पूरा करने के लिए मेरोप्स प्रणाली को तैनात किया जा रहा है।
मेरोप्स प्रणाली की विशेषताएँ
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि मेरोप्स प्रणाली की खासियत यह है कि यह ड्रोन के खिलाफ ड्रोन का ही उपयोग करती है। यह इतनी छोटी है कि इसे मध्यम आकार के पिकअप ट्रक के पीछे भी स्थापित किया जा सकता है। यह प्रणाली दुश्मन के ड्रोन की पहचान कर उन्हें नष्ट करने के लिए छोटे ड्रोन भेजती है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया गया है, जिससे यह उपग्रह या इलेक्ट्रॉनिक संचार बाधित होने पर भी लक्ष्य तक पहुंच सकती है।
ईरान के ड्रोन के खिलाफ प्रतिक्रिया
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के शाहेद ड्रोन के खिलाफ अब तक की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही है। ईरान द्वारा उपयोग किए जा रहे ड्रोन तकनीकी दृष्टि से साधारण हैं, लेकिन रूस ने यूक्रेन युद्ध में उन्हें लगातार अपडेट किया है। यूक्रेन युद्ध के अनुभव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सस्ते और बड़ी संख्या में छोड़े गए ड्रोन आधुनिक सैन्य शक्ति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
आर्थिक दृष्टिकोण
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की गुप्तचर समिति के वरिष्ठ सदस्य जिम हाइम्स ने कहा कि अमेरिका मिसाइलों को गिराने में सक्षम है, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद ईरानी ड्रोन एक गंभीर समस्या हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि गणितीय भी है। महंगे रक्षा मिसाइलों से सस्ते ड्रोन को गिराना आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है।
मेरोप्स प्रणाली का परीक्षण
मेरोप्स प्रणाली का परीक्षण पहले यूरोप में किया गया था। पिछले वर्ष नवंबर में, रूस के हमलावर ड्रोन कई बार नाटो के वायु क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। इसके बाद पोलैंड और रोमानिया में मेरोप्स प्रणाली को तैनात किया गया था, जहां इसके उपयोग से ड्रोन की पहचान और उन्हें रोकने की क्षमता का परीक्षण किया गया। अब उसी अनुभव के आधार पर इसे मध्य पूर्व में भेजा जा रहा है।
तैनाती की योजना
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, मेरोप्स प्रणाली को मध्य पूर्व के कई स्थानों पर तैनात किया जाएगा, जिनमें ऐसे स्थान भी शामिल होंगे जहां अमेरिकी सैनिक सीधे मौजूद नहीं हैं। इस प्रणाली का निर्माण पेरिनियल आटोनोमी नामक कंपनी कर रही है, जिसे प्रौद्योगिकी जगत के प्रमुख उद्यमियों का समर्थन प्राप्त है।
यूक्रेन का अनुभव
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका ने उनके देश से ईरान के शाहेद ड्रोन से निपटने के अनुभव साझा करने का अनुरोध किया है। रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ इन ड्रोन का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है, जिससे यूक्रेन को उनसे निपटने की व्यावहारिक समझ हासिल हुई है।
पेंटागन की स्थिति
पेंटागन के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि ईरान द्वारा छोड़े जा रहे ड्रोन के बड़े समूह को रोकना आसान नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकाने इन हमलों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि कोई भी प्रणाली हर हमले को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं दे सकती, लेकिन अधिकतम संभव सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका
इस घटनाक्रम के व्यापक सामरिक निहितार्थ भी हैं, क्योंकि आधुनिक युद्ध में ड्रोन अब निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। अपेक्षाकृत सस्ते और बड़ी संख्या में छोड़े जाने वाले ड्रोन महंगी और जटिल सैन्य प्रणालियों को भी चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ रहा है। भविष्य के युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वचालित हथियार प्रणालियों का महत्व तेजी से बढ़ेगा।
मेरोप्स की तैनाती का महत्व
मेरोप्स की तैनाती बदलते युद्ध स्वरूप को दर्शाती है। यह संकेत देती है कि आने वाले समय में आकाश में केवल मिसाइल ही नहीं, बल्कि ड्रोन के खिलाफ ड्रोन की लड़ाई भी आधुनिक युद्ध का सामान्य दृश्य बन सकती है।