South Asia's Turbulent Dynamics: The Pakistan-Afghanistan Conflict
The ongoing tensions between Pakistan and Afghanistan have raised concerns among experts about the underlying geopolitical strategies at play. With accusations from Pakistan's defense minister regarding Taliban's alignment with India, the situation has sparked debates across the region. Influential thinkers like Alexander Dugin suggest that the conflict may be part of a larger geopolitical strategy involving the US's efforts to weaken BRICS. As both nations face escalating violence, calls for mediation from Iran and the UN highlight the urgent need for dialogue. This article delves into the complexities of the conflict and its broader implications for regional stability.
Feb 28, 2026, 17:40 IST
The Ongoing Tensions
जब दो देशों के बीच संघर्ष होता है, तो अक्सर तीसरे पक्ष को लाभ होता है। दक्षिण एशिया में वर्तमान स्थिति को देखते हुए, कई विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव केवल दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक राजनीति की बड़ी तस्वीर भी हो सकती है। हाल ही में, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का धैर्य अब समाप्त हो चुका है और इसे उन्होंने खुली जंग का नाम दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान भारत का मोहरा बन चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है。
Geopolitical Implications
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाने वाले विचारक एलेक्जेंडर डूगिन ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ती लड़ाई एक बड़ी भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। डूगिन का मानना है कि इस संघर्ष के पीछे अमेरिका की रणनीति हो सकती है, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स को कमजोर करना है। उनके अनुसार, वर्तमान बहुध्रवीय व्यवस्था में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है, और अमेरिका इस गठबंधन को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में विभिन्न देशों के हित जुड़े हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान के पीछे चीन और अफगानिस्तान के पीछे भारत का नाम लिया जा रहा है।
India's Stance
हालांकि, भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि वह किसी भी संघर्ष का समर्थन नहीं करता और क्षेत्र में शांति की कामना करता है। अफगानिस्तान में भारत ने कई विकास परियोजनाएं, जैसे सड़कें, बांध और शिक्षा से जुड़े कार्य किए हैं। इसलिए कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि अफगानिस्तान की राजनीति में भारत का प्रभाव है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत किसी युद्ध का हिस्सा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में, पाकिस्तान को अपनी सीमाओं के भीतर कई आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि जिन संगठनों को पाकिस्तान ने पहले समर्थन दिया था, वही अब उसके लिए चुनौती बन चुके हैं।
Potential for Escalation
डूगिन ने अपने बयान में एक और महत्वपूर्ण बिंदु उठाया। उन्होंने इसे अमेरिका की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से जोड़ा और यह संकेत दिया कि यदि दक्षिण एशिया में बड़ा संघर्ष शुरू होता है, तो इसका सीधा असर ब्रिक्स पर पड़ेगा, क्योंकि इस संगठन में भारत और चीन दोनों प्रमुख सदस्य हैं। यदि भारत और चीन अलग-अलग उलझते हैं या क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है, तो इससे ब्रिक्स का आर्थिक और रणनीतिक एजेंडा प्रभावित हो सकता है।
Political Maneuvering
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अक्सर ऐसे बयान रणनीतिक संदेश देने के लिए दिए जाते हैं। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि हर बयान पूरी सच्चाई नहीं होती, बल्कि कई बार यह बड़े राजनीतिक खेल का हिस्सा भी हो सकता है। सवाल यह है कि क्या यह वास्तव में अमेरिका की रणनीति है, जैसा कि डूगिन कह रहे हैं, या यह केवल क्षेत्रीय राजनीति और पुराने विवादों का परिणाम है? इसका उत्तर आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन यह निश्चित है कि दक्षिण एशिया की यह स्थिति केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गई है। इसमें बड़ी शक्तियों के हित, वैश्विक गठबंधन और भविष्य की राजनीति भी शामिल हो सकती है।
Recent Developments
पिछले हफ्ते, 21-22 फरवरी की रात को, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में एयर स्ट्राइक कर 80 से अधिक तालिबान आतंकियों को मारने का दावा किया। तालिबान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोग मारे गए हैं।
Pakistan's Justification
पाकिस्तान का कहना है कि वह अफगानिस्तान की ओर से बेगुनाह लोगों पर किए गए हमलों से गुस्से में है और इसी के लिए युद्ध में उतरा है। इस तरह उसने अपनी भावनाओं को इस ऑपरेशन का नाम दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान ने सीमा से लगे क्षेत्रों जैसे चित्राल, खैबर, मोहमद, कुर्रम और बाजौर में हमले किए हैं।
Calls for Mediation
पाकिस्तान और तालिबान के बीच जारी संघर्ष में ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत में मध्यस्थता करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों को अच्छे पड़ोसी की तरह मामले का हल बातचीत से निकालना चाहिए। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से मानवाधिकार कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने का आग्रह किया है। मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने सीमा संघर्ष और घातक हवाई हमलों के बाद समस्याओं के समाधान के लिए आपसी बातचीत की अपील की है। रूस, तुर्किये और चीन ने भी संघर्ष को तुरंत रोकने की बात कही है।