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गाय के घी के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

गाय के घी में अद्भुत औषधीय गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। यह न केवल हृदय को मजबूत बनाता है, बल्कि सोरायसिस, बालों के झड़ने, और आँखों की ज्योति बढ़ाने में भी सहायक है। जानें कैसे रात को सोते समय नाक में घी डालने से आपको कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
 

गाय के घी के औषधीय गुण


गाय के घी में ऐसे औषधीय तत्व होते हैं जो अन्य खाद्य पदार्थों में नहीं पाए जाते। इसमें मौजूद माइक्रोन्यूट्रींट्स कैंसर से लड़ने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा, यह शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक है और पर्यावरण को भी शुद्ध करता है। सोते समय नाक में 2 बूँदें गाय के घी की डालने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इसे लेटकर नाक में डालें और हल्का खींचें। इसे प्रतिमर्श नस्य कहा जाता है। आइए जानते हैं रात को सोते समय नाक में देशी घी की दो बूँदें डालने के अद्भुत फायदों के बारे में:


स्वास्थ्य लाभ

हार्ट अटैक: यदि किसी को हार्ट अटैक की समस्या है और चिकनाई से परहेज करना है, तो गाय का घी खाना फायदेमंद होता है। यह हृदय को मजबूत बनाता है।


सोरायसिस और त्वचा संबंधी रोग: सोरायसिस के लिए, गाय के घी को ठंडे पानी में फेंटकर, फिर घी को पानी से अलग करें। इसमें थोड़ा कपूर मिलाने से यह एक प्रभावी औषधि बन जाती है।


बालों का झड़ना: नाक में गाय का घी डालने से बालों का झड़ना रुकता है और नए बाल उगने लगते हैं।


आँखों की ज्योति: एक चम्मच गाय के घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच काली मिर्च मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय खाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।


कोमा से जागना: नाक में गाय का घी डालने से कोमा से बाहर निकलने में मदद मिलती है।


हाथों और पैरों में जलन: जलन होने पर गाय के घी से मालिश करने से आराम मिलता है।


कफ की समस्या: पुराने गाय के घी से बच्चों की छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की समस्या दूर होती है।


कैंसर से लड़ने की क्षमता: गाय का घी कैंसर को रोकने और इसके फैलने को रोकने में मदद करता है।


नस्य लेने का सही समय

नस्य का उपयोग हर समय नहीं किया जा सकता। कृपया ध्यान दें कि निम्नलिखित स्थितियों में इसका उपयोग न करें:



  • जब आप बीमार हों।

  • जब आपको आघात लगा हो।

  • जब आप बहुत थके हों।

  • वर्षा ऋतु में जब सूर्य न हो।

  • गर्भवती या प्रसव के बाद।

  • बाल धोने के बाद।

  • जब आपको भूख या प्यास लगे।

  • जब आपको अजीर्ण हो।

  • अनुवासन बस्ती या विरेचन के बाद।