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Nepal's Parliamentary Elections: A Surprising Shift in Power

The recent parliamentary elections in Nepal have taken South Asia by surprise, with the National Independent Party (RSP) led by Ravi Lamichhane poised for a significant victory. As results continue to roll in, the RSP is not only approaching a two-thirds majority but is also challenging established political figures. With 124 seats already secured and a substantial number of votes in the proportional system, the elections signal a transformative moment in Nepalese politics. The country is set to welcome its first Madhesi Prime Minister, Balendra Shah, who will also be the youngest in its history. This shift in power is expected to reshape the political landscape in Nepal.
 

Nepal's Election Results Shake South Asia

नेपाल के हालिया संसदीय चुनावों के परिणामों ने दक्षिण एशिया में हलचल मचा दी है। सोमवार सुबह तक प्राप्त रुझानों के अनुसार, रवि लामिछाने की अगुवाई वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक शानदार जीत की ओर अग्रसर है। नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि यह पार्टी न केवल दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रही है, बल्कि पुरानी राजनीतिक ताकतों को भी पीछे छोड़ने में सफल हो रही है।


सोमवार सुबह सात बजे तक घोषित चुनाव परिणामों में, RSP ने प्रत्यक्ष मतदान में 124 सीटें जीत ली हैं और आनुपातिक मतदान में लगभग 40 लाख वोट प्राप्त किए हैं।
आरएसपी एक सीट पर आगे चल रही है। नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने 17 सीटें जीती हैं और एक पर आगे है। सीपीएन-यूएमएल ने आठ सीटें अपने नाम की हैं और एक सीट पर आगे है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एनसीपी ने सात सीटें हासिल की हैं। श्रम संस्कृति पार्टी ने तीन सीटें जीती हैं, जबकि राष्ट्रीय प्रगतिशील पार्टी (आरपीपी) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक-एक सीट जीती है।


अब तक प्रत्यक्ष मतदान के तहत 165 में से 161 सीटों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। शेष चार सीटों के परिणाम दोपहर तक आने की उम्मीद है।
आनुपातिक मतदान में आरएसपी को 37,89,803, एनसी को 12,75,594, सीपीएन-यूएमएल को 10,79,726, एनसीपी को 5,55,300, श्रम संस्कृति पार्टी को 2,65,398, जनता समाजवादी पार्टी को 1,16,463 और राष्ट्रीय परिवर्तन पार्टी को 1,08,084 वोट मिले हैं।
नेपाल को अब अपना पहला मधेसी प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह मिलने जा रहे हैं, जो देश के इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री भी होंगे।